आजमगढ़ थाना मुबारकपुर क्षेत्र के ग्राम सभा गजहड़ा में आबादी की भूमि पर मकान निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गांव निवासी स्वर्गीय लखराज पाल के पुत्र राजकरण पाल अपने पुराने कच्चे मकान के स्थान पर नया मकान निर्माण करा रहे हैं। उनका कहना है कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से उक्त आबादी की भूमि पर निवास करता आ रहा है। जानकारी के अनुसार गांव की निवासी नूरसबा पत्नी हफिज ने थाना मुबारकपुर में प्रार्थना पत्र देकर निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की थी। शिकायत के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल की। राजकरण पाल का दावा है कि जांच के दौरान पुलिस ने शिकायत को निराधार बताते हुए निर्माण कार्य जारी रखने की अनुमति दी थी और कहा था कि वह अपने पुराने गिरे हुए मकान के स्थान पर ही निर्माण करा रहे हैं।इसके बाद नूरसबा द्वारा लोहारा चौकी पर भी शिकायत की गई। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया और कहा कि आबादी की भूमि पर नया निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। बाद में बीएनएसएस की धारा 170 के तहत राजकरण पाल एवं अन्य लोगों का चालान भी किया गया।राजकरण पाल का कहना है कि नूरसबा का मकान भी उसी आबादी क्षेत्र में स्थित है, लेकिन उसके संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी बताया कि नूरसबा द्वारा लगभग दो वर्ष पूर्व दीवानी न्यायालय में दायर मुकदमा 19 मार्च 2026 को खारिज कर दिया गया था। उनका आरोप है कि न्यायालय का आदेश दिखाने के बावजूद उसे स्वीकार नहीं किया गया और एसडीएम स्तर से आदेश लाने को कहा गया।वहीं गांव के कई ग्रामीणों का कहना है कि आबादी की भूमि पर वर्षों से अधिकांश लोगों के मकान बने हुए हैं। ऐसे में केवल एक पक्ष के निर्माण कार्य पर रोक लगाए जाने से निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि मामले का समाधान किस प्रकार किया जाता है और संबंधित पक्षों को न्याय मिल पाता है या नहीं।
