अतरौलिया आजमगढ़ अतरौलिया क्षेत्र में इन दिनों छुट्टा गोवंश किसानों और राहगीरों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ अतरौलिया नगर पंचायत से सटे हैदरपुर खास, पटेल चौक, भदई पुर,भोराजपुर खुर्द, महरुपुर सेलहरापट्टी, छितौनी और समेत कई गांवों में दर्जनों की संख्या में आवारा गोवंश खुलेआम घूम रहे हैं। ये पशु जहां किसानों की फसलों को चरकर और रौंदकर भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं आपस में लड़ने के कारण खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो जा रही है। पटेल चौक क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छुट्टा गोवंश सड़कों पर डेरा जमाए रहते हैं, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। गोवंशों के आपस में लड़ने से कई बार बाइक सवार, स्कूली बच्चे और राहगीर घायल हो चुके हैं। आए दिन लगने वाले जाम से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति 100 शैया अस्पताल के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर देखने को मिल रही है, जहां बड़ी संख्या में छुट्टा गोवंश सड़क पार करते रहते हैं। इससे लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीण इलाकों में हालात और भी भयावह हैं। देहुला सरकार, मनवरपुर, कुलुहिया, मोती देहुला सहित अन्य गांवों में आवारा पशु खेतों में घुसकर गेहूं ,सरसों सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद किसान रात-दिन खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बाद भी फसलों को बचा बचा पाना मुश्किल हो रहा है। गांव निवासी बालचंद यादव ने बताया कि रोजाना दर्जनों की संख्या में छुट्टा पशु उनकी गेहूं की फसल में घुस आते हैं और पूरी मेहनत पर पानी फेर देते हैं। वहीं पप्पू यादव ने कहा कि समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। कई पशु इतने आक्रामक हो गए हैं कि किसानों पर हमला करने से भी नहीं चूक रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासनादेश के तहत गोवंशों के भरण-पोषण के लिए ग्राम पंचायत निधि से 10 प्रतिशत राशि खर्च किए जाने का प्रावधान है, लेकिन स्थानीय प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई कर उच्चाधिकारियों को यह रिपोर्ट भेज देता है कि सभी गोवंश गो-आश्रय स्थलों में शिफ्ट कर दिए गए हैं, जबकि हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द ठोस कदम उठाकर छुट्टा गोवंशों को पकड़कर गो-आश्रय स्थलों में भेजा जाए, ताकि किसानों की फसल सुरक्षित रह सके और आमजन को इस समस्या से राहत मिल सके। इस संदर्भ में विकासखंड अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि अगर कही ऐसी शिकायत आती है या जहां कहीं भी निराश्रित गोवंश दिखाई देते हैं उन्हें पकड़वा कर गौशाला में आश्रित कर दिया जाता है।
