अतरौलिया आजमगढ़ अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में नाबार्ड द्वारा सहकारी समितियों के माध्यम से जैविक खेती के प्रचार-प्रसार हेतु बुधवार को एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बाबा प्रथमदेव एफपीओ, इटौरी खलीशपुर, विकासखंड कोयलसा, में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अखिलेश सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) लेदौरा, आज़मगढ़ ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जैविक खेती न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने जैविक खेती की आधुनिक तकनीकों, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण पर विस्तार से प्रकाश डाला।कार्यक्रम में जैविक खेती के लाभ, उत्पादन लागत में कमी, बाजार में बढ़ती मांग और सहकारी समितियों की भूमिका पर भी संक्षिप्त लेकिन उपयोगी जानकारी दी गई। इस अवसर पर पैक्स भरौली खास एवं भरौली तोडर के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रजनीकांत पांडेय (राज्य समन्वयक, NAF), मनीष पाठक, विशाल सिंह, सुनील यादव, अजय सिंह, नेबूलाल प्रजापति सहित अन्य गणमान्य लोगों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का सफल आयोजन आरिफ़ ख़ान, डीडीएम, नाबार्ड आज़मगढ़ के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अंत में किसानों से जैविक खेती अपनाने और सहकारी समितियों के माध्यम से संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।
