आजमगढ़ में 24 दिसंबर से चल रहे महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित कार्यक्रम का कारागार मंत्री ने किया जहां शुभारम्भ किया, भोजपुरी नाईट के अंतर्गत अरविन्द अकेला (कल्लू) एवं डिम्पल सिंह आदि द्वारा रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई, अपने उद्बोधन में मंत्री द्वारा चौहान ने कहा कि आजमगढ़ छन्नूलाल मिश्रा, राहुल सांकृत्यायन, अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’, और अल्लामा शिबली नोमानी की धरती के साथ ही ऋषि-मुनियों की धरती और गंगा-जमुनी तहजीब का केंद्र है, वहीं मंत्री ने सबसे बड़ी बात करते हुए कहा कि बिना ज़ोर-जबरदस्ती या चंदा वसूले महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए मंत्री ने ज़िलाधिकारी की प्रशंसा किया, भोजपुरी नाईट के कलाकारों क़ो मंत्री ने ने सम्मानित किया
आजमगढ़ के राजकीय पॉलिटेक्निक में आयोजित हो रहे महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि कारागार मंत्री श्री दारा सिंह चौहान द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मा0 मंत्री ने कहा कि भोजपुरी भाषा समाज की “बुनियाद” है, इसके साथ ही भोजपुरी भाषा की महत्ता पर ज़ोर दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को भोजपुरी संस्कृति को प्रोत्साहित करने और ‘आज़मगढ़ महोत्सव’ के आयोजन में सरकारी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भोजपुरी भाषा की प्रशंसा करते हुए कहा कि किस तरह भोजपुरी कलाकारों और पूर्वजों ने गिरमिटिया मज़दूरों के रूप में मारीशस जैसे देशों में जाकर भोजपुरी का प्रचार-प्रसार किया और वहाँ के राष्ट्राध्यक्ष तक बने। मंत्री ने कहा कि आजमगढ़ छन्नूलाल मिश्रा, राहुल सांकृत्यायन, अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’, और अल्लामा शिबली नोमानी की धरती है। उन्होंने कहा कि आज़मगढ़ ऋषि-मुनियों की धरती (दुर्वासा ऋषि, चंद्रमा ऋषि) है और गंगा-जमुनी तहजीब का केंद्र है। इसके साथ ही मा0 मन्त्री जी ने बिना किसी ज़ोर-जबरदस्ती या चंदा वसूले इस महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए ज़िलाधिकारी की प्रशंसा की। आजमगढ़ महोत्सव के अंतर्गत अंतिम दिन अरविन्द अकेला (कल्लू), डिम्पल सिंह आदि द्वारा भोजपुरी गानों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया गया, जिससे सभी दर्शक झूम उठे। इसके साथ ही हरिहरपुर घराने द्वारा सारंगी वादन की प्रस्तुति एवं स्कूली बच्चों तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक गायन/एकल गायन, लोकनृत्य/एकल नृत्य की प्रस्तुति दी गई।
