मुबारकपुर, आजमगढ़। ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के तत्वावधान में पूरा रानी स्थित दीवान की बाग में पसमांदा अधिकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में पसमांदा समाज के अधिकार, सामाजिक भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पसमांदा महाज के राष्ट्रीय प्रवक्ता मौलाना रेहान अंसारी ने कहा कि संगठन का उद्देश्य पसमांदा समाज के लोगों को एकजुट कर उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना और समाज को सामाजिक एवं राजनीतिक रूप से जागरूक करना है। उन्होंने संगठन की मजबूती और सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि पसमांदा समाज को उसके अधिकार और उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए लगातार लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संविधान की धारा 341 में लगी धार्मिक पाबंदी को हटाने की मांग लंबे समय से उठाई जाती रही है। उनका कहना था कि अनुसूचित जाति से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों में धार्मिक आधार पर लगाए गए प्रतिबंध को समाप्त किया जाना चाहिए, ताकि वंचित और पिछड़े मुस्लिम समुदायों को भी उनके अधिकारों और सामाजिक न्याय का लाभ मिल सके। उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में पहल करने की मांग की। सम्मेलन में मौलाना अबुल रकीब (दिल्ली), अफजल अंसारी (सुल्तानपुर), डॉ. नूर हसन (पटना, बिहार), शाकिर अंजुम, मुर्तुजा आलम (वाराणसी), डॉ. सलीम अशरफ अंसारी (खलीलाबाद), मकबूल अंसारी, धर्मेंद्र निषाद (जौनपुर), एनुअल मुजफ्फर, राहुल रहमान, जमाल नासिर तथा नुरुल हुदा अंसारी, प्रदेश अध्यक्ष उलमा काउंसिल, कासिम खलीफा आदि ने संबोधित किया।इस अवसर पर हाशिम पसमांदा, जमाल नासिर, बिलाल हाशिम, मास्टर नूर आलम, रज़ाउर्रहमान और गुफरान अहमद समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
