लालगंज (आजमगढ़) लालगंज व टिकरगाढ़ राजवाहा में पानी न आने से किसानों में काफी रोष व्याप्त है। सिंचाई के अभाव में धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। किसानों का आरोप है कि उनकी इस गंभीर समस्या के प्रति सिंचाई विभाग और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं।तहसील क्षेत्र के किसान अच्छी बारिश का इंतजार करते-करते थक चुके हैं। बारिश न होने के कारण क्षेत्र में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। ऐसे में किसानों को धान की फसल बचाने के लिए दिन-रात मेहनत करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि बारिश की कमी के बीच उन्हें सबसे अधिक उम्मीद नहर से थी, लेकिन टिकरगढ़ राजवाहा में पानी नहीं छोड़े जाने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है।किसानों के मुताबिक, नहर में पानी नहीं आने के कारण धान की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है। कई किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फोन कर समस्या से अवगत कराने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों के फोन नहीं उठे। इससे किसानों में विभाग के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है।किसानों का कहना है कि समस्या को लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत की गई थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों से तत्काल लालगंज व टिकरगाढ़ राजवाहा में पर्याप्त पानी छोड़े जाने की मांग की है, ताकि सूख रही धान की फसल को बचाया जा सके। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द नहर में पानी नहीं पहुंचाया गया तो उनकी फसल बर्बाद हो सकती है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।इस सन्दर्भ में एसडीओ शुभम वर्मा ने बताया कि नहर में 400 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है ऊपर के किसान पानी का ज्यादा उपयोग कर रहे है जिसके कारण नीचे के किसान पानी नहीं पा रहे है।उन्होंने बताया कि नहर के पुनरोद्धार का कार्य चल रहा है कार्य हो जाने पर इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
