लालगंज (आजमगढ़) स्थानीय तहसील परिसर में बृहस्पतिवार को एक कथित फर्जी अधिवक्ता को अधिवक्ताओं ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। तहसील परिसर में फर्जी अधिवक्ताओं और दलालों की बढ़ती संख्या को लेकर अधिवक्ताओं में लंबे समय से नाराजगी है। आरोप है कि स्थानीय प्रशासन इस समस्या के प्रति उदासीन बना हुआ है।
अधिवक्ताओं के अनुसार, तहसील परिसर में बड़ी संख्या में ऐसे लोग अधिवक्ता की वेशभूषा में घूमते रहते हैं, जिनका पंजीकरण राज्य विधिज्ञ परिषद में नहीं है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नगेंद्र सिंह ने बताया कि ऐसे लोगों को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन इसका उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उल्टे वे अधिकारियों के कक्षों में बैठकर लोगों की पैरवी करते हैं तथा न्यायालयों की पत्रावलियों का मुआयना भी करते हैं।
उन्होंने बताया कि जब बार एसोसिएशन के पदाधिकारी इन लोगों से पूछताछ करते हैं, तो वे संतोषजनक जवाब देने के बजाय धमकी देने लगते हैं। बृहस्पतिवार को तरवां थाना क्षेत्र के धोरियां गांव निवासी रविंद्र राजभर पुत्र रामबरन अधिवक्ता की वेशभूषा में तहसील परिसर में कार्य करते हुए पाए गए। संदेह होने पर कुछ अधिवक्ताओं ने उन्हें रोककर पूछताछ की। इस दौरान हंगामा होने पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष नगेंद्र सिंह ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस रविंद्र राजभर को हिरासत में लेकर देवगांव कोतवाली चली गई। बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के लिए देवगांव कोतवाली में तहरीर दी है। अब यह देखना होगा कि तहसील परिसर में सक्रिय फर्जी अधिवक्ताओं और दलालों पर अंकुश लगाने के लिए बार एसोसिएशन एवं प्रशासन आगे क्या कार्रवाई करते हैं।
