माहुल(आजमगढ़)। क्षेत्र के मेहियापार काजीपट्टी मे चल रही सात दिवसीय आनन्द मयी राम कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन कथा वाचक पंडित कौशल किशोर जी महाराज ने राम जन्म और उनकी लीलाओं का सुंदर वर्णन किया। जिसको सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए और जय श्री राम के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। कथा वाचक पंडित कौशल किशोर महाराज ने कथा में राम जन्म का सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि अयोध्या मे राम जन्म हुआ तो ऐसा उत्सव हुआ कि एक महीने मानो रात हुई ही नही। अपने रथ के साथ सूर्य देव भी थक गये भगवान शिव भी बाल लीला और प्रभू श्रीराम का दर्शन करने पहुंच गये दुर से भोलेनाथ ने प्रभू को मन ही मन प्रणाम किया और माता कौशल्या से दर्शन की इच्छा जताई। कौशल्या साधू वेष को देखकर बालक को दिखाने से मना कर दिया बाबा ने कहा हम यही बैठेंगे दर्शन करने के बाद ही जायेगे प्रभू श्रीराम ने शिव के हठ योग को समझ लिया और रोने लगे। कहां की तपस्वी का बल क्षमाशीलता में छिपा होता है इस तरह से बालक का बल रोने में होता है नारी का बाल पतिव्रता में होता है कहां की भगवान ने ब्राह्मण, गाय, देवता, संत की रक्षा के लिए पृथ्वी पर अयोध्या में महाराज दशरथ के पुत्र के रूप में अवतरित हुए भगवान अपने सच्चे भक्तों के लिए नंगे पैर दौड़कर रक्षा करते हैं जैसे उन्होंने द्रोपती की दुशासन से रक्षा की ग्राह से गज को बचाया सिर्फ सच्ची भक्ति से प्रभु मिलते हैं और वह कण कण में व्याप्त हैं। सत्य से बड़ा कोई धर्म नहीं और झूठ से बड़ा कोई पाप नहीं है। कथा दिन में दो बजे से शुरू होकर शाम छह बजे तक चली जिसे सुनने के लिए पांडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा।।
