अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली पर उठे सवाल
अतरौलिया आजमगढ़ नगर पंचायत अतरौलिया के वार्ड नंबर एक, अंबेडकर नगर (बुधनीया रोड) में अव्यवस्थित नाली निर्माण अब आमजन के लिए गंभीर समस्या बन गया है। सोमवार को हालात से त्रस्त स्थानीय लोगों का सब्र जवाब दे गया और आक्रोशित जनता सड़क पर उतर आई। नागरिकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए नगर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल समाधान की मांग की। प्रदर्शन में व्यापार मंडल अध्यक्ष हिमांशु विनायकर सहित जगमोहन सोनी, सुनील गौतम, राहुल मिश्रा, आनंद जायसवाल, श्याम जी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल रहे। लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत द्वारा कराए गए नाली निर्माण में गंभीर तकनीकी खामियां हैं। न तो नाले की ऊंचाई का सही आकलन किया गया और न ही ढलान का, जिसके चलते स्थिति पहले से भी बदतर हो गई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि हाल ही में बनाई गई नाली सड़क की सतह से लगभग ढाई फीट ऊंची है। ढलान सही न होने के कारण घरों और सड़क का पानी नाली में जाने के बजाय सड़क पर ही फैल रहा है। पूरे नगर का बदबूदार पानी इसी रास्ते से बह रहा है, जिससे राहगीरों, व्यापारियों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पहले जलजमाव की समस्या केवल बरसात के मौसम तक सीमित रहती थी, लेकिन अब नाली का गंदा पानी चौबीसों घंटे सड़क पर बह रहा है। नाली के ओवरफ्लो होने से पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई है, मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। नाले की अत्यधिक ऊंचाई के कारण वह पूरी तरह अनुपयोगी साबित हो रहा है प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार नगर पंचायत को अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने कहा, “नगर पंचायत ने जनता की सुविधा के लिए नाली बनवाई थी, लेकिन यह अब हमारे लिए जी का जंजाल बन चुकी है। गंदा पानी घरों के सामने जमा है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।” स्थानीय नागरिकों ने अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। लोगों का कहना है कि अधिशासी अधिकारी कभी नगर में दिखाई नहीं देते और न ही जनता की समस्याएं सुनते हैं। कुछ लोगों ने तो यहां तक कहा कि आज तक उन्होंने अधिशासी अधिकारी को देखा ही नहीं, ऐसे में शिकायत आखिर किससे की जाए। जनता का आरोप है कि जिस उद्देश्य से अधिशासी अधिकारी की नियुक्ति की गई है, उसका निर्वहन नहीं हो रहा, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। इस संबंध में जब अधिशासी अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे तकनीकी नहीं बल्कि प्रशासनिक अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि यदि समस्या बताई जाए तो वे संबंधित जेई को लिखित में देकर आख्या मंगवाएंगे। नाली जाम होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में जानकारी करनी पड़ेगी और वीडियो भेजने पर सफाई नायक से बात की जाएगी। हालांकि, जनता का कहना है कि ऐसे जवाबों से समस्या का समाधान नहीं होगा। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाली को दुरुस्त कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे तहसील मुख्यालय पर बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि नगर प्रशासन और अधिशासी अधिकारी इस जनआक्रोश को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक लोगों को इस बदहाली से राहत मिल पाती है।
