गांवों के नाम पर आवंटित केंद्र तहसील में संचालित होने से उठे सवाल,निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की भी शिकायत
फूलपुर आजमगढ़ फूलपूर तहसील परिसर में गांवों के नाम पर संचालित जनसेवा केंद्रों के संचालन को लेकर सवाल खड़े हो गए है। आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संचालित होने वाले कई जनसेवा केंद्र तहसील परिसर में ही अपना ठिकाना बनाए हुए है।वहीं कुछ केंद्रों पर तहसील की विद्युत आपूर्ति से कथित रूप से बिजली का इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप है।इससे सरकारी परिसर में अनधिकृत गतिविधियों और प्रशासन की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे है।तहसील परिसर में प्रवेश करते ही ग्रामीण न्यायालय और सीओ कार्यालय के सामने कई जनसेवा केंद्र संचालित दिखाई देते है। बताया जाता है कि इनमें से कई केंद्र तहसील क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के नाम पर आवंटित है।ऐसे में उनके तहसील परिसर में संचालन को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए है।लोगों का आरोप है कि ऑनलाइन आवेदन,फोटो कॉपी और विभिन्न प्रमाणपत्रों से संबंधित सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक रकम वसूली जाती है।फोटो कॉपी के लिए एक रुपये की जगह तीन रुपये,फार्म के लिए 20 रुपये तथा ऑनलाइन आवेदन के नाम पर 150 से 200 रुपये तक लिए जाने की शिकायतें हैं।हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सरकारी परिसर में केंद्रों के संचालन और बिजली के कथित इस्तेमाल को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे है।लोगों का कहना है कि तहसील प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद यदि ऐसी गतिविधियां चल रही हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए।फूलपुर एसडीएम निकेत वर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है।जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।वहीं उपखंड अधिकारी विद्युत फूलपुर सुजीत कुमार ने बताया कि पूर्व में तहसील परिसर और बाहर बिना कनेक्शन बिजली का प्रयोग करने वाली दुकानों के कनेक्शन काटे गए थे। दोबारा ऐसा पाए जाने पर विद्युत विच्छेदन के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों की विद्युत बिलिंग अलग व्यवस्था के तहत होती है,लेकिन बिना कनेक्शन तहसील की सप्लाई से बिजली का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
