बुनकर विपणन केन्द्र निरीक्षण में पाया गया बंद
मुबारकपुर आजमगढ़ समाधान दिवस पर शनिवार को लगभग 11,15बजे जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार मुबारकपुर थाना पर पहुंचे और वहां से सीधे मोहल्ला कटरा पहुंच कर बुनाई कारखाना देखा और बुनकरों से वार्ता कर रेशमी साड़ी के बारे में जानकारी हासिल किया। वहां से बुनकर विपणन केन्द्र पहुंचे जो बुनकर विपणन केन्द्र बन्द मिला। बन्द रहने पर चिन्ता ब्यक्त कर इसे खुलवाने के बारे में अधिकारियों से बात करने को कहा।इस प्रकार कुल 45मिनट तक मुबारकपुर में रहे। जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार मुबारकपुर थाना दिवस पर पहुंचे और चन्द मिनट रूके इसके बाद मुबारकपुर के मोहल्ला कटरा में एक बुनाई कारखाना देखा। कारखाना में पावरलूम और हैणडलूम पर बुनी जा रही रेशमी साड़ी को देखा और बुनकर मजदूर नबी अख़्तर से साड़ी के बारे जानकारी ली। बुनकरों ने बताया कि रेशमी साड़ी मुबारकपुर में बुनी जाती और इसे बनारसी साड़ी के नाम से जाना जाता है। बुनकर मजदूर कच्चा माल कतान, रेशम,जरी,तार सब कुछ सेठ कारोबारी से लाता है। रेशमी साड़ी तैयार करता है। बुनकर मजदूर को केवल मजदूरी से मिलती है। बुनकर मजदूर नबी अख्तर ने जिलाधिकारी को जानकारी देते हुए बताया कि पावरलूम पर एक साड़ी पांच घंटे में तैयार हो जाती है। काफी मेहनत के बाद वह दिन भर मं चार सौ रुपए का काम करता है। हथकरघा संचालन में एक साड़ी को तैयार करने में दो लोगों को मिलकर काम करना होता है। पावरलूम हो या हथकरघा बुनकरों को केवल मजदूरी से काम है।अन्त में जिलाधिकारी ने बुनकर विपणन केन्द्र का हाल देख कर चिन्ता ब्यक्त कर कहा कि इसे खुलवाने के बारे में देखते हैं। बुनकरों ने बताया कि यह करोड़ों रुपए खर्च कर बना है। इसमें कुल 130दुकाने है।यह सहायक निदेशक हथकरघा वस्त्रोद्योग परिक्षेत्र म ऊ निगरानी में संचालित होता है। इसके बारे में जिलाधिकारी ने कहा कि इसे खुलवाने के बारे में सम्बंधित अधिकारी से बात करते हैं।इस अवसर पर थाना प्रभारी निरीक्षक शशि मौली पाण्डेय व स्थानीय बुनकर मौजूद थे।
