लालगंज, आजमगढ़ आजादी के महानायक सुभाष चन्द्र बोस जी की जयंती प्रधान राम चन्द्र राम के संयोजकत्व में जानकी मैदान लालगंज में समारोह पूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथ पूर्व विधायक एवं पूर्वांचल विकास बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह थे। मुख्य अतिथि ने महान क्रांतिकारी, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी,नेता जी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। नरेंद्र सिंह ने कहा कि अमर शहीद,महान देश भक्त सुभाष चंद्र बोस की जयंती को यादगार बनाने का प्रधान रामचंद्र राम का प्रयास सराहनीय है। सुभाष चंद्र बोस जी का सपना था कि हम आजादी की खुली हवा में सांस लें।उनका वह सपना पन्द्रह अगस्त 1947 को पूर्ण हुआ। अपने विधायकी के कार्यकाल में मैंने लालगंज क्षेत्र को विकसित करने का कार्य किया। ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना ही वीर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम के संयोजक प्रधान रामचंद्र राम ने कहा कि महान जननायक, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती का बड़ा आयोजन करके मैं जनता को यह बताने का प्रयास करता हूं कि हमारे जीवन में व्यक्तिगत समस्याओं के अतिरिक्त देश प्रेम के लिए भी जगह होनी चाहिए।बड़े त्याग और बलिदान के बाद यह आजादी हमें मिली है ।इस आजादी को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए हमें सतत जागरूक रहने की आवश्यकता है। पूर्व प्रधानाचार्य एवं भाजपा के पूर्व क्षेत्रीय संयोजक ओम प्रकाश सिंह तिलखरा , जिला प्रचारक आलोक जी,उमाशंकर मिश्र ने कहा कि भारत देश ने अनेक महान सपूतों को जन्म दिया है। जिन्होंने देश को आजादी दिलाने के लिए अपना सर्वस्व बलिदान दिया है। सुभाष चंद्र बोस ऐसे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हैं, जिन्होंने अपना सारा जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया था। उनकी जयंती पर हमें उनके जीवन से प्रेरणा ग्रहण करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर जिला प्रचारक आलोक जी ,पूर्व प्रधानाचार्य ओम प्रकाश सिंह, आर एस एस के विभाग संयोजक उमाशंकर मिश्र, पूर्व जिला प्रचारक सुग्रीव जी ,विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष जयशंकर सिंह, अरुण कुमार सिंह, अशोक राय, इंद्राज चौहान,संजय जी, अवनीश राय, राकेश चोबे,शुभम जायसवाल आदि लोगों ने अपना विचार व्यक्त किया तथा देश के महान सपूत सुभाष चंद्र बोस जी को अपना श्रद्धा सुमन अर्पित किया। बिरहा गायकों ने अपने सरस और मनोहारी गीतों से लोगों को पूरे समय तक बांधे रखा। कार्यक्रम का संचालन प्रधान रामचंद्र राम ने किया।
