अतरौलिया आजमगढ़ क्षेत्र के ग्राम भिउरा निवासी एवं दीवानी न्यायालय से अवकाश प्राप्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राम नाथ त्रिपाठी (91) वर्ष का 18 नवंबर को निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। राम नाथ त्रिपाठी अपने उदार स्वभाव, निश्छल हृदय, सरल व्यक्तित्व और सहयोगी प्रवृत्ति के कारण जन-जन में विख्यात थे। समाज के दीन-दुखियों के लिए वह एक वटवृक्ष की भांति सहारा बने रहते थे। उनकी सेवाभावना और मानवीय संवेदनाएँ उन्हें विशेष बनाती थीं। परिजनों के अनुसार वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनमें पांच पुत्र ओम प्रकाश तिवारी, श्री प्रकाश तिवारी, ज्ञान प्रकाश तिवारी, विमल प्रकाश त्रिपाठी एवं ज्योति प्रकाश त्रिपाठी, दो पुत्रियाँ माधुरी तिवारी व पूजा तिवारी, पत्नी केशरी देवी सहित नाती-पोते शामिल हैं। उनके निधन से क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। सामाजिक कार्यों में अग्रणी रहने वाले त्रिपाठी जी का जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।उनके निधन पर विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की है।
