लालगंज (आजमगढ़ )राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज आजमगढ़ में शुक्रवार को जनपद आजमगढ़ के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 70 से अधिक विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) विद्यार्थियों एवं उनके सहयोगी शिक्षकों के एक समूह का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च तकनीकी शिक्षा के वातावरण से परिचित कराना, उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सीखने की जिज्ञासा विकसित करना तथा उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा देना था।भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर केंद्र, केंद्रीय पुस्तकालय, कॉन्फ्रेंस हॉल तथा अन्य केंद्रीय सुविधाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, प्रयोगात्मक शिक्षा, डिजिटल संसाधनों एवं उच्च शिक्षा के विभिन्न आयामों से परिचित होने का अवसर मिला। संस्थान की शैक्षणिक एवं तकनीकी गतिविधियों को देखकर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। भ्रमण के समापन अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. बी.के. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों से संवाद किया तथा उन्हें शिक्षा के प्रति समर्पित रहने, निरंतर सीखने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में असीम संभावनाएँ होती हैं। दिव्यांगता किसी की प्रतिभा, क्षमता और उपलब्धियों की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए। उचित अवसर, प्रोत्साहन और सकारात्मक वातावरण मिलने पर प्रत्येक विद्यार्थी समाज एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।इस शैक्षणिक भ्रमण का समन्वय संस्थान के कुलसचिव डॉ. अम्बरीष सिंह ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों एवं उनके साथ आए शिक्षकों को संबोधित करते हुए ऐसे आयोजनों के संस्थान और समाज के लिए महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का दायित्व केवल तकनीकी शिक्षा एवं अनुसंधान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों, को शिक्षा, अवसर और प्रेरणा से जोड़ना भी है। ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों के ज्ञान एवं अनुभव का विस्तार करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, समानता और भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होते हैं।डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि इस प्रकार की पहल शैक्षणिक संस्थानों और विद्यालयों के बीच सार्थक संबंध स्थापित करती है तथा समावेशी एवं संवेदनशील समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, आजमगढ़ भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, सामाजिक सहभागिता और समावेशी शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियों के लिए प्रतिबद्ध है।यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक अनुभव रहा, जिसने उन्हें उच्च शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और अपने उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को करीब से समझने का अवसर प्रदान किया। इस भ्रमण में संस्थान के शिक्षकों डॉ कौशल शुक्ला, डॉ अनीश कुमार, चैतन्य निधि, महेश कुमार, नवीन चंद्रा, डॉ यतींद्र एवं कर्मचारियों ने पूर्ण मनोयोग से दिव्यांग छात्र छात्राओं को सहयोग प्रदान करते हुए इसे सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया।
