लालगंज (आजमगढ़ ) सरकार के लाखों रुपये खर्च करके बनाए गए सामुदायिक शौचालय आज बदहाली की कहानी कह रहे हैं। विकास खंड लालगंज परिसर में स्थित सामुदायिक शौचालय की हालत देखकर लगता है कि “स्वच्छ भारत – सुंदर भारत” का नारा सिर्फ कागजों और दीवारों तक ही सीमित रह गया है।शौचालय के बाहर की दीवार पर स्वच्छ भारत मिशन का लोगो और जिम्मेदार अधिकारियों के नाम लिखे हैं। लेकिन अंदर की स्थिति बिल्कुल विपरीत है। शौचालय के अंदर फर्श पर कचरा, पत्ते, प्लास्टिक और कीचड़ फैला है। इंडियन टॉयलेट सीट में कचरा भरा है। यूरिनल टूटा हुआ है और पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। दीवारों पर ऊपर तक काली-पीली फफूंदी जमी है। टाइल्स गंदी और टूटी हुई हैं। लंबे समय से सफाई न होने के कारण यहां मच्छर-मक्खी और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। परिसर में आने जाने वाले लोगों का कहना है कि इस शौचालय का इस्तेमाल करना तो दूर, इसके पास से गुजरना भी मुश्किल है। ग्रामीणों नेजिला प्रशासन से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुए तुरंत सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाकर शौचालय की साफ-सफाई, पानी और मरम्मत की व्यवस्था की जाए, ताकि परिसर में आने जाने वाले लोग इसका लाभ ले सके।
