मुबारकपुर आज़मगढ़ यतीमख़ाना मदरसा इस्लामिया अशरफिया पुरारानी मुबारकपुर में सालाना जलसा-ए-सीरतुन्नबी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत हाफ़िज़ नूर आलम की तिलावत-ए-क़ुरआन से हुआ। इसके बाद ऐमन और अब्दुल ख़बीर दानिश ने नातिया कलाम पेश किया। मुख्य अतिथि के रूप में सैयद मुहम्मद अशरफ अशरफ जीलानी, संस्थापक व अध्यक्ष ऑल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड किछौछा ने इस्लाह-ए-मुआशरा के विषय पर सादा और प्रभावी तकरीर किया। उन्होंने कहा कि मोहम्मद साहब की पाक ज़िंदगी पूरी इंसानियत के लिए बेहतरीन नमूना है। क़ुरआन व सुन्नत पर अमल, ख़ुलूस-ए-नियत और आपसी सम्मान से ही समाज मजबूत बनता है। उन्होंने नमाज़ व रोज़े की पाबंदी और गैर-शरीअत कार्यों से बचने की नसीहत की तथा मुबारकपुर से अपनी निस्बत का भी ज़िक्र किया। कार्यक्रम का समापन सलात-ओ-सलाम और सैयद मुहम्मद अशरफ अशरफी की दुआ पर हुआ। अंत में नाज़िम-ए-आला डॉ. जावेद क़मर ने सभी मेहमानों, ख़तीबों, शायरों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता क़ारी गुलाम मुजतबा वासिफ़ मुबारकपुरी ने और संचालन मौलाना हामिद रज़ा मिस्बाही ने किया। इस अवसर पर अलहाज डॉ. शमीम अहमद (पूर्व चेयरमैन नगर पालिका), हाजी मुमताज़ अहमद, मास्टर सिराज अहमद, डॉ. अहमद जमाल, अलहाज महमूद अख़्तर नुमानी, हाजी असरारुल हसन, हाफ़िज़ अब्दुल क़ादिर, नूरुल हुदा, मास्टर मुहम्मद हाशिम, हाफ़िज़ मुनव्वर जमाल, मास्टर तनवीर अहमद, अफ़रोज़ अहमद, शाहिद कलीम, ज़रग़ाम अब्बास, अब्दुल्लाह अलाुद्दीन, सुलेमान मेंबर, मास्टर शरीफ़ अहमद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
