महराजगंज आजमगढ़ मानसून से पहले बंधे की वारा क्षेत्र में मानसून की आहट के साथ ही बाढ़ सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है| सिंचाई विभाग की कथित उदासीनता से क्षुब्ध बाढ़ पीड़ित संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून शुरू होने से पहले बंधों की मरम्मत और कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा| बाढ़ पीड़ित संगठन के बैनर तले क्षेत्र के ग्रामीणों और किसानों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें हर वर्ष आने वाली बाढ़ से होने वाले नुकसान पर चर्चा की गई| संगठन के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विभाग को कई बार क्षतिग्रस्त बंधों और संवेदनशील स्थानों की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है| ग्रामीणों का कहना है कि बंधों की स्थिति कई स्थानों पर जर्जर बनी हुई है| समय रहते मरम्मत कार्य न होने से मानसून के दौरान बंधों के टूटने और बड़े पैमाने पर बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है| इससे हजारों बीघा फसल, पशुधन और ग्रामीणों की संपत्ति प्रभावित हो सकती है| बैठक में संगठन अध्यक्ष राजीव मिश्र ने कहा कि हर वर्ष बाढ़ के समय प्रशासन और विभाग सक्रिय दिखाई देता है, लेकिन पूर्व तैयारियों के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई जाती हैं|उन्होंने मांग की कि संवेदनशील बिंदुओं की तत्काल जांच कराकर मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य युद्धस्तर पर शुरू कराया जाए | संगठन के अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विभाग ने शीघ्र आवश्यक कदम नहीं उठाए तो ग्रामीणों को सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी | बैठक में क्षेत्र के अनेक ग्रामीण, किसान तथा बाढ़ पीड़ित संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे|
