महराजगंज आजमगढ़ महराजगंज ब्लाक क्षेत्र में साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल को लेकर जब पत्रकारों ने ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि से विकास कार्यों का श्वेत पत्र जारी करने का सवाल किया तो उन्होंने इस पर स्पष्ट जवाब देने से किनारा करते हुए इधर उधर की बातों का सहारा लिया| सवालों के घेराव के बीच ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि पारसनाथ यादव ने यह स्वीकार किया कि ब्लाक की कुछ ग्राम सभाएँ अब भी विकास कार्यों से वंचित हैं| पत्रकारों द्वारा बार-बार पूछे जाने पर भी प्रमुख प्रतिनिधि अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का कोई लिखित ब्योरा या ठोस आंकड़ा प्रस्तुत नहीं कर सके| श्वेत पत्र जारी न करने को लेकर उन्होंने चुनावी राजनितिक उत्तर देते नज़र आये , लेकिन विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति पर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाए| इसी दौरान उन्होंने यह भी माना कि संसाधनों की कमी के कारण सभी ग्राम सभाओं में समान रूप से विकास कार्य नहीं हो पाए|ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि की इस स्वीकारोक्ति के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं | क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कई ग्राम सभाओं में सड़क, नाली, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव आज भी बना हुआ है| क्षेत्र के लोगों का यह भी कहना है कि ब्लाक स्तर पर किए गए कार्यों का श्वेत पत्र सार्वजनिक किया जाए, जिससे वास्तविक स्थिति सामने आ सके |वहीं विपक्षी जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को लेकर ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कार्यकाल में व्यापक विकास हुआ है तो श्वेत पत्र जारी करने से परहेज क्यों किया जा रहा है| उन्होंने आरोप लगाया कि श्वेत पत्र से बचना कहीं न कहीं विकास कार्यों में असमानता और पारदर्शिता की कमी को दर्शाता है|कुल मिलाकर, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि द्वारा श्वेत पत्र जारी न करने और कुछ ग्राम सभाओं के विकास से वंचित रहने की स्वीकारोक्ति ने ब्लाकप्रमुख की विकास नीति और कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं | अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में क्षेत्रीय जनता व पार्टी ग्राम सभाओं के विकास में हो रही असमानता के लिए आगामी चुनाव में किस करवट ऊंट बैठाती है |
