जामा मस्जिद और इत्तेहादे मिल्लत में अदा हुई नमाज, पूर्व मंत्री बलराम यादव बोले—“मजहब अलग, लेकिन वतन के लिए दिल एक”
अत अतरौलिया आजमगढ़ ईद-उल-फितर का पर्व शनिवार को अतरौलिया नगर पंचायत में आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया गया। सुबह से ही क्षेत्र की जामा मस्जिद और इत्तेहादे मिल्लत में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जहां अमन-चैन और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं की गईं। जामा मस्जिद में सुबह 8:15 बजे और इत्तेहादे मिल्लत में 8:30 बजे ईद की नमाज अदा की गई। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बलराम यादव और ब्लॉक प्रमुख चंद्रशेखर यादव ने मस्जिद पहुंचकर मुस्लिम समुदाय के लोगों से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और खुशियां साझा कीं। नमाज के बाद पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मंत्री बलराम यादव ने कहा कि ईद का त्योहार केवल एक समुदाय का नहीं, बल्कि पूरे देश का पर्व है। उन्होंने कहा, “हिंदू और मुसलमान के बीच कोई भेद नहीं है। धर्म और पूजा पद्धति अलग हो सकती है, लेकिन देश की खुशहाली और तरक्की के लिए हम सभी एकजुट हैं।” उन्होंने देश और दुनिया में शांति, सौहार्द और विकास की कामना की। इस दौरान उन्होंने महंगाई, गैस किल्लत और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए चिंता भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आम जनता महंगाई से त्रस्त है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं ब्लॉक प्रमुख चंद्रशेखर यादव ने कहा कि अतरौलिया में गंगा-जमुनी तहजीब की परंपरा आज भी जीवंत है। उन्होंने कहा कि जिस तरह हाल ही में मुस्लिम समुदाय ने हिंदू भाइयों के साथ मिलकर होली का त्योहार मनाया, उसी तरह आज हिंदू समाज के लोग भी ईद की खुशियों में शामिल होकर सेवइयां साझा कर रहे हैं। यही हमारे देश की असली पहचान है। इस मौके पर उप जिला धिकारी बुढ़नपुर अभय राज पांडे, थाना अध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे ने शांतिपूर्ण ढंग से दोनों मस्जिदों पर ईद की नमाज अदा करवाई। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष सुभाष चंद्र जायसवाल, राधेश्याम यादव, मुस्ताक कुरैशी, जामा मस्जिद के इमाम अब्दुल बारी नईमी, हाफिज महमूद समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने इसे आपसी सौहार्द और एकता की बेहतरीन मिसाल बताया।
