अतरौलिया आजमगढ़ कैलाशी महिला विकास समिति द्वारा संचालित बौद्धिक दिव्यांग आवासीय विद्यालय, ध्यानीपुर (पोस्ट- लोहरा) में विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेष शिक्षक विजयमणि ने डाउन सिंड्रोम के कारण, पहचान और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय रहते लक्षणों की पहचान कर उचित देखभाल और प्रशिक्षण से बच्चों का बेहतर विकास संभव है। वहीं शिक्षिका प्रियंका राय ने डाउन सिंड्रोम से प्रभावित बच्चों के प्रशिक्षण, उनके व्यवहारिक विकास और सामाजिक सहभागिता के तरीकों पर गहन चर्चा की। उन्होंने बच्चों को एक-दूसरे की मदद करने और समाज में सहज रूप से घुलने-मिलने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने ड्राइंग प्रतियोगिता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। संस्था की प्रबंधक सुनीता ने बताया कि डाउन सिंड्रोम एक आनुवांशिक स्थिति है, जिसमें बच्चों में एक अतिरिक्त क्रोमोसोम पाया जाता है। इसके कारण कुछ सामान्य लक्षण जैसे छोटी गर्दन, चपटी नाक, छोटी हथेली, कम कद, अस्पष्ट वाणी और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई देखी जाती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर उन्हें छुपाने के बजाय विशेषज्ञों से परामर्श लें और बच्चों को विशेष विद्यालयों से जोड़ें, ताकि उनका समुचित विकास हो सके। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त स्टाफ, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
